ग मत क शरर क हर अग म वभनन दवतओ क वस

अजमेर। गौ माता के शरीर के हर अंग में विभिन्न देवताओं का वास होता है। गाय के आंख, कान, नथुने, पैर, खुर, पेट, सिंग, पीठ, थुई आदि का धार्मिक महत्व भी है। यह बात वृंदावन से आई कथावाचक नंदनी सारस्वत ने बीके कौल नगर स्थित हनुमान मंदिर में चल रही गौमाता कथा के दौरान कही।

उन्होंने गौ माता के सभी अंग की पूजा विधि एवं उसके धर्म लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि गाय की परिक्रमा करना चारों धाम (सकल तीर्थो) की यात्रा के बराबर हैं। घर पर बनने वाले भोजन में से पहली रोटी गाय को खिलाने से घर में सुख शांति रहती हैं।

प्रवक्ता राजेंद्र गांधी ने बताया कि कथा के दौरान गाय पर आधारित भजनों की प्रस्तुति के दौरान श्रोता व श्रद्धालू व भक्तगण उत्साह के साथ नाच उठे। कथा के दौरान इंद्र भगवान ने भी कुछ समय के लिए अपना मधुर रूप दिखाया।

आज नृसिंह मंदिर के महंत श्यामसुंदर शरण गौकथा उत्सव में शामिल हुए। यजमानों में श्रीगोपाल चोयल, डॉ विष्णु चौधरी, अशोक शर्मा, कृष्णावतार भंसाली, कालीचरण खंडेलवाल, प्रेमप्रकाश अग्रवाल का माला व दुप्पटा पहनाकर सम्मानित किया गया। स्मृति चिन्ह में गाय बछड़ा का प्रतिरूप दिया।

नगर संघ संचालक खाजूलाल चौहान, गुलाबचंद पंवार, दिनेश गुप्ता, इंदरसिंह पोखरना, गिरीश दाधीच, लेखराज सिंह राठौड, प्रवीण अग्रवाल का भी कथावाचक नंदनी सारस्वत ने दुप्पटा पहना कर अभिनंदन किया। सेवादारों में राजेंद्र मित्तल, महेंद्र जैन, अंजली अग्रवाल, विमल काबरा, श्याम मोदी, भगवानसिंह हाडा, नितिन गुप्ता, श्यामबिहारी शर्मा, दिनेश शाह आदि मौजूद रहे।

गौ गंगा कृपाकांक्षी पूज्य गोपाल मणी शनिवार को आएंगे

कथावाचक नंदनी सारस्वत के गुरु एवं गौ गंगा कृपाकांक्षी पूज्य गोपाल मणी शनिवार को मध्यान्ह 2.30 बजे सरस्वती नगर कायड़ रोड स्थित इंजी. अशोक शर्मा के निवास स्थान पर आएंगे। जहां अल्प समय विश्राम कर 3.30 बजे रवाना चौपहिया वाहनों के साथ कथा स्थल पहुंचेंगे, जहां गौ माता पर अपना व्याख्यान देंगे।

The post गौ माता के शरीर के हर अंग में विभिन्न देवताओं का वास appeared first on Sabguru News.



source https://www.sabguru.com/gau-katha-at-bk-kaul-nagar-in-ajmer/

Comments

Popular posts from this blog

अजमेर में उर्स के मौके पर शुक्रवार को जुमे की बड़ी नमाज अदा

अजमेर दरगाह खुलने के बाद अदा की गई जुम्मे की नमाज

Big issue: स्कूल से भी खराब यूनिवर्सिटी के हाल, आठवां विभाग चलेगा रामभरोसे