Corona effect-हताशा और तनाव लील रहे जान
मनीष कुमार सिंह. अजमेर(Ajmer News). कोरोना संक्रमण काल में लगाए गए लॉकडाउन के साइड इफेक्ट अब हताशा और तनाव के बाद आत्महत्या की शक्ल में सामने आने लगे हैं। लॉकडाउन के 66 दिनों में अजमेर जिले में 70 से ज्यादा लोगों ने मौत को गले लगा लिया तो कुछेक की जिंदगी खत्म करने की कोशिशें नाकाम होने से उनकी जान बच गईं। लॉकडाउन के तीसरे चरण में मिली रियायतों के बाद आत्महत्या के मामले बढ़ गए। लॉकडाउन 3 व 4 के 28 दिन में अजमेर जिले में हुए 60 सड़क हादसों में तकरीबन इतनों की ही जान चली गई। इन हालात के लिए लॉकडाउन के कारण यकायक बढ़ी आर्थिक तंगी, काम-धंधे पर असर, बढ़ी हताशा और असुरक्षित भविष्य को लेकर बढ़े मानसिक उद्वेग और तनाव को भी कारण माना जा रहा है। सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र आत्महत्या के मामलों में अजमेर जिले में सर्वाधिक प्रभावित अलवर गेट, रामगंज व क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र रहे। यहां लॉकडाउन के अंतिम चरणों में दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या कर ली। अलवर गेट थाना क्षेत्र में धोलाभाटा, नगरा क्षेत्र व रामगंज थाना क्षेत्र में अजय नगर व आसपास की कच्ची बस्तियों में खुदकुशी के मामले देखे गए। ...