दिल्ली से मुंबई 15 घंटे में पहुंचेगी मालगाड़ी

डीएफसीसी के सीजीएम सुनील सिंह से बातचीत

- मार्च २०२२ तक दिल्ली - मुंबई ट्रैक पर मालगाडि़यों का संचालन संभव

- अजमेर मंडल में मदार से इकबालगढ़ तक के ट्रैक का कार्य दिसम्बर में पूरा होगा

- डीएफसीसी ट्रैक की सभी बाधाएं खत्म, २०२१ मार्च में दौड़ेगी मालगाडि़यां

दिलीप शर्मा

अजमेर. मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से दादरी, दिल्ली तक बन रहे पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (१५३४ किमी.) ट्रैक का कार्य अंतिम चरणों में है। संपूर्ण ट्रैक कार्य पूरा होने में अभी करीब डेढ़ साल का वक्त लगेगा। इसके तहत अजमेर मंडल में आने वाले ट्रैक मदार से इकबालगढ़ ३४१ (किमी) का कार्य अंतिम चरणों में है। ट्रैक पर मालगाडि़यां कब से दौडऩे लगेंगी निर्माण कार्य में क्या बाधा आ रही है, इन सब सवालों को लेकर राजस्थान पत्रिका ने डीएफसीसी मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह से विशेष बातचीत की।

अजमेर मंडल में ट्रैक निमार्ण कार्य पूरा होने में क्या बाधा है?
गढ़ी मालियान क्षेत्र में एक रेलवे की केबिन ट्रैक मार्ग पर आ रही थी जिसे हाल ही में हटा लिया गया है। अब कोई बड़ी बाधा नहीं है। वर्ष के अंत तक कार्य पूर्ण होकर ट्रायल करने का लक्ष्य है।

मौजूदा समय में कार्य की क्या स्थिति है?

रेवाड़ी या दादरी से पालनपुर के बीच करीब ४०० किमी का ट्रैक का कार्य अंतिम चरणो में है, विद्युत पोल पहले ही लगाए जा चुके हैं यहां तार डाले जाने का कार्य शेष है जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

दिल्ली से गुजरात के पोर्ट से कब तक ट्रैक को जोड़ा जाएगा?
मदार से गुजरात के इकबालगढ़ को जोडऩे वाले ट्रैक को पालनपुर के पास करजोड़ा से मिलाएंगे जिससे कांदला व गुजरात के अन्य बंदरगाहों का माल डीएफसीसी के जरिए मुंबई व दिल्ली तक परिवहन किया जा सकेगा।

संपूर्ण ट्रैक का कार्य कब पूरा होगा?

पश्चिम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य मार्च २०२२ तक पूरा होने का लक्ष्य है। अभी दादरी से मदार जुड़ चुके हैं। मार्च २०२१ से दिल्ली व पालनपुरा करजोड़ा को भी जोड़े जाने का लक्ष्य है।

आमजन को मालपरिवहन से क्या फायदा होगा व सडक़ परिवहन पर कितना फर्क पड़ेगा?
दिल्ली से मुंबई तक १५३४ किलोमीटर का ट्रैक है। इसमें डबलिंग व इलैक्ट्रिक गाडि़यां दौड़ेंगी एेसा माना जा रहा है आम माल गाड़ी की ५० किमी की गति की तुलना में यहां गाड़ी १०० किमी प्रतिघंटे से दौड़ेगी। चूंकि ट्रैक सिर्फ मालगाडि़यों का होगा व डबल ट्रैक है इससे दिल्ली से रवाना होने वाली गाड़ी १४ से १५ घंटे में मुंबई पहुंचेगी।

इससे सडक़ पर मालवाहक गाडि़यों का यातायात दबाव कम हो जाएगा जिससे सामान्य सडक़ यातायात भी सुगम होगा।

एक मालगाड़ी से कितना माल परिवहन किया जा सकेगा?

एक मालगाड़ी में करीब ६५०० से ७००० टन माल का परिवहन होगा जो लगभग ३५० ट्रकों के माल के बराबर होगा। इसमें कुछ गाडि़यां डबल डेकर रैक की भी शामिल हैं।
दुर्घटना से बचने के लिए क्या विशेष इंतजाम हैं?

सुरक्षा की दृष्टि से ट्रैन प्रोटेक्टेड वार्निंग सिस्टम (टीपीडब्ल्यूएस) लगाया गया है। इसमें स्वचालित ब्र्रेक सिस्टम होता है। इससे दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।



source https://www.patrika.com/ajmer-news/interview-freight-train-from-delhi-to-mumbai-will-arrive-in-15-hours-6455906/

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