स्मार्ट सिटी के साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड हुए कबाड़

हिमांशु धवल. अजमेर.

शहर में दस स्थानों पर साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड बनाए गए, लेकिन अब सभी स्टैण्ड पूरी तरह बंद हो गए हैं। कई जगह से तो स्टैण्ड तक हटा दिए गए हंै। इससे यह शहर को स्मार्ट बनाने के स्थान पर बदरंग बना रहे हैं।
शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब तीन साल पहले जोर-शोर से दस स्थानों पर साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड प्रारंभ किए गए। इसके संचालन की जिम्मेदारी ग्रीनोल्यूशन कम्पनी को दी गई थी, लेकिन इसमें से अधिकांश साइकिल स्टैण्ड दो-चार माह में बाद ही बंद हो गए। वैशाली नगर चौपाटी, रीजनल कॉलेज के सामने आदि जगह इनका संचालन ठीक तरीके से हुआ, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद मार्च से यह भी बंद पड़े है। इसके कारण इनका लाभ आमजन को नहीं मिल रहा है। वहीं जिन स्थानों पर साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड बंद पड़े हैं वह कबाड़ में तब्दील होकर बदरंग हो गए हैं।

54 लाख रुपए खर्च होने का जिक्र

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 22 सितम्बर को स्मार्टसिटी एडवायजरी फोरम की बैठक में दिखाई गई पीपीटी में इसका उल्लेख किया गया है। इसमें साइकिल शेयरिंग सिस्टम पर 54 लाख रुपए (कनवजेंस) अभिसरण होने की बात बताई गई है।

केस 1
शहर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय के बाहर की ओर से साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड बंद है। इसमें सिर्फ निजी कॉलेज का विज्ञापन ही नया नजर आ रहा है, इसके अलावा सभी जंग खा चुका है। इसमें चार साइकिल रखी है वह भी कबाड़ में तब्दील हो चुकी है।


केस 2

वैशाली नगर स्थित मूक बधिर विद्यालय के सामने साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड का साइन बोर्ड पूरी तरह से गायब हो गया है उसमें लगी ट्यूबलाइट तक चोरी हो गई है या तोड़ दी गई है। इसमें दिखाने के लिए साइकिल जरूर रखी है, लेकिन सभी खराब हैं। कई महीनों से खुला तक नहीं है।

केस 3
लोहागल रोड वन उद्यान के बाहर लगा साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और बदरंग हो गया है। इसमें एक भी साइकिल नहीं है। इसके आस-पास कंटीली झांडियां उग गई हैं। यह उद्घाटन के कुछ दिनों बाद ही बंद हो गया था। यह इलाका जंगल जैसा प्रतीत होता है।


केस 4

शहर के रीजनल कॉलेज के सामने चौपाटी पर बना साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड की हालत भी अन्य के समान ही है। इसमें छह-सात साइकिल खड़ी हुई हंै। यह मार्च से पहले खुलता था, लेकिन वर्तमान पूरी तरह से बंद पड़ा है। इसके कारण इसके साइन बोर्ड सभी टूट गए है।

यहां बनाए गए थे स्टैण्ड
शहर के नसीराबाद रोड स्थित आदर्शनगर, नौ नम्बर पेट्रोल पंप के पास, राजकीय महाविद्यालय के पास, राजा साइकिल चौराहा, शास्त्रीनगर चुंगी, वैशाली नगर बधिर विद्यालय के सामने, रीजनल कॉलेज के सामने, गौरव पथ पुरानी चौपाटी पर और कुंदननगर में साइकिल शेयरिंग स्टैण्ड बनाए गए थे।

यह था उद्देश्य
- साइकिलिंग को बढ़ावा देना

- स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना
- पर्यटकों को भी मिले सुविधा

- स्मार्टसिटी के तहत सुविधा उपलब्ध कराना



source https://www.patrika.com/ajmer-news/cycle-sharing-stand-of-smart-city-is-junk-6429067/

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